Santosh Kumar | September 29, 2024 | 05:02 PM IST | 3 mins read
उत्तर प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक किंजल सिंह ने बताया कि 2017 के बाद से यूपी में मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
Use the NEET PG Rank Predictor 2026 to estimate your rank based on your exam performance. Get accurate rank insights and plan your college admissions.
Try Now
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्तमान में राज्य में 78 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि वर्ष 2017 में इनकी संख्या मात्र 39 थी। इसी प्रकार पिछले साढ़े सात वर्षों में राज्य में एमबीबीएस सीटों में 108 प्रतिशत तथा पीजी सीटों में 181 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक किंजल सिंह ने कहा कि यह वृद्धि राज्य में किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।
New: NEET PG 2026 Expected Marks vs Rank
NEET PG 2026: Rank Predictor | College Predictor | Counselling Companion
महानिदेशक किंजल सिंह के मुताबिक, 2017 के बाद से यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। 2017 में योगी सरकार बनने से पहले राज्य में 39 मेडिकल कॉलेज थे, जिनमें 14 सरकारी और 25 निजी थे।
वहीं भाजपा के सत्ता में आने के बाद साढ़े सात साल में यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है, जिनमें 43 सरकारी और 35 निजी कॉलेज हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान एमबीबीएस सीटों में 108 प्रतिशत और पीजी सीटों में 181 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
किंजल सिंह ने बताया कि 2017 में यूपी में एमबीबीएस की कुल 5,390 सीटें थीं, जिनमें 1,840 सरकारी और 3,550 निजी सीटें थीं। 2024 तक यह संख्या लगभग दोगुनी होकर 11,200 सीटें हो गई है, जिसमें 5,150 सरकारी और 6,050 निजी सीटें शामिल हैं।
इसी तरह, स्नातकोत्तर सीटों की बात करें तो 2017 में केवल 1,344 सीटें थीं, जिनमें से 741 सरकारी और 603 निजी थीं। 2024 में स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़कर 3,781 हो गई है, जिनमें से 1,759 सरकारी और 2,022 निजी कॉलेजों में हैं।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि 2024 में यूपी में 12 स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। ये कॉलेज बिजनोर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चंदौली, बुलंदशहर, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात और कौशांबी में हैं।
इनमें से 15 प्रतिशत सीटों के लिए ऑल इंडिया कोटे के तहत काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है। इन कॉलेजों में शेष 85 प्रतिशत सीटों में से अधिकांश सीटें राज्य स्तरीय नीट यूजी प्रथम चक्र काउंसलिंग के माध्यम से आवंटित की गई हैं।
महानिदेशक ने बताया कि विभाग ने सोनभद्र के मेडिकल कॉलेज को मान्यता प्रदान करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से भी अपील की है। उन्होंने बताया कि अमेठी में भी एक स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है।
अगले वर्ष 2025-26 में 100 सीटों के लिए केंद्र सरकार से अनुमति पत्र प्राप्त करने के लिए एनएमसी, नई दिल्ली के पोर्टल पर आवेदन किया जाएगा। मऊ में कल्पनाथ राय आयुर्विज्ञान संस्थान का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसके अनुमति पत्र के लिए भी अगले वर्ष आवेदन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त डीजीएमई ने बताया कि बागपत, हाथरस और कासगंज में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना के तहत प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। ये कॉलेज भी पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे।