NEET 2024 Row: इंडिया अलायंस से जुड़े छात्र संघ ने संसद घेराव का किया आह्वान, कल देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

Santosh Kumar | July 2, 2024 | 02:06 PM IST | 2 mins read

सभा को संबोधित करते हुए आइसा महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने कहा, "माफिया की तरह काम कर रही एनटीए को अविलंब समाप्त किया जाना चाहिए।"

NEET 2026 Free Mock Test with Solutions

Download the NEET 2026 Free Mock Test PDF with detailed solutions. Practice real exam-style questions, analyze your performance, and enhance your preparation.

Download EBook
आइसा की अनिश्चितकालीन हड़ताल के 6वें दिन छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। (इमेज-X/@AISA_tweets)

नई दिल्ली: इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव एलायंस (इंडिया) से जुड़े छात्र संगठनों ने आज, यानी 2 जुलाई को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें आइसा, एनएसयूआई, एआईएसएफ, एसएफआई, समाजवादी छात्र सभा, छात्र राजद और एमएसएफ जैसे विभिन्न संगठनों के राष्ट्रीय नेताओं ने नीट यूजी, पीजी और यूजीसी नेट परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और एनटीए को समाप्त करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

सभा को संबोधित करते हुए आइसा महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने कहा, "माफिया की तरह काम कर रही एनटीए को अविलंब समाप्त किया जाना चाहिए। हम छात्र सरकार के झूठे वादों को खारिज करते हैं और असफल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हैं।"

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने भी कहा, "अगर रिश्वतखोरी नहीं हुई है, तो धर्मेंद्र प्रधान को सामने आकर सफाई देनी चाहिए। वह चुप क्यों हैं? वह चुप क्यों हैं?" एआईएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांग ने कहा, "एनटीए केंद्रीकरण और निजीकरण के खेल में एक मोहरा मात्र है। हम एनटीए को तत्काल समाप्त करने की मांग करते हैं।"

Also read NEET 2024 Controversy: 'कोचिंग सेंटरों के लिए नीट करोड़ों का उद्योग', डीएमके ने परीक्षा को बताया धोखाधड़ी

एनटीए के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई विरोध प्रदर्शनों और एक सप्ताह तक चले धरने के बाद, आइसा ने एकजुट होकर कल, 3 जुलाई को अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। उन्होंने संसद की घेराबंदी का भी आह्वान किया है। उन्होनें कहा है कि अब और चुप्पी नहीं, हम कार्रवाई की मांग करते हैं!

बता दें कि आज (2 जुलाई) आइसा की अनिश्चितकालीन हड़ताल के 6वें दिन छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका! इस दौरान शिक्षाविद, कार्यकर्ता और सांसद एकजुटता दिखाते हुए हड़ताल में शामिल हुए! आइसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके नीट, यूजीसी नेट पेपर और अन्य पेपर लीक और भ्रष्ट एनटीए के खिलाफ संसद मार्च में शामिल होने की अपील की।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]