एनसीईआरटी ने यूएजुकेट के साथ राष्ट्रीय पाठ्यक्रम को इंटरैक्टिव डिजिटल बुक में बदलने के लिए एमओयू साइन किया
Abhay Pratap Singh | August 19, 2025 | 02:02 PM IST | 2 mins read
NCERT-Ueducate MoU: इस साझेदारी के तहत एनसीईआरटी की विश्वसनीय पाठ्यपुस्तकों को KATBOOKs इंटरैक्टिव डिजिटल टेक्स्टबुक्स में बदला जाएगा, जो छात्रों को रोचक और मल्टीमीडिया-समृद्ध शिक्षा अनुभव प्रदान करेंगी।
नई दिल्ली: भारत के डिजिटल शिक्षा भविष्य को आकार देने की दिशा में कदम उठाते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने यूएजुकेट (UEducate) ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत एनसीईआरटी के पूरे पाठ्यक्रम को नवाचारपूर्ण KATBOOK फॉर्मेट के माध्यम से डिजिटल स्वरूप में बदला जाएगा।
नई दिल्ली स्थित एनसीईआरटी मुख्यालय में हुए इस समझौते को शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ और प्रौद्योगिकी-आधारित बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी क्षण माना जा रहा है। यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और डिजिटल इंडिया मिशन की दृष्टि के अनुरूप है।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि, इस एमओयू को औपचारिक रूप देने का कार्य एनसीईआरटी के सचिव अमन शर्मा तथा परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इस दौरान यूएजुकेट के ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स निदेशक मनप्रीत चड्ढा भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर बोलते हुए यूएजुकेट ग्लोबल के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सरथ काकुमानु ने कहा, “यह एमओयू भारतीय शिक्षा को नए सिरे से परिभाषित करने की हमारी यात्रा में एक निर्णायक क्षण है। एनसीईआरटी के साथ साझेदारी कर कक्षाओं के भविष्य को आकार देना हमारे लिए सम्मान की बात है।”
उन्होंने आगे कहा, “KATBOOK के माध्यम से हम शिक्षकों को सशक्त करेंगे, विद्यार्थियों को प्रेरित करेंगे और सीखने की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक इंटरैक्टिव, समावेशी, बहुभाषी और प्रभावशाली बनाएंगे। यह सहयोग हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि भारत के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे, चाहे वह कहीं भी हो।”
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, “इस साझेदारी के तहत एनसीईआरटी की विश्वसनीय पाठ्यपुस्तकों को KATBOOKs इंटरैक्टिव डिजिटल टेक्स्टबुक्स में बदला जाएगा, जो विद्यार्थियों को रोचक और मल्टीमीडिया-समृद्ध शिक्षा अनुभव प्रदान करेंगी। छात्र वीडियो, एनीमेशन और सिमुलेशन के माध्यम से पाठों को जीवंत रूप में समझ सकेंगे, जबकि शिक्षकों को एआई-सक्षम क्लासरूम टूल्स, ट्रांसलेटर, डिक्शनरी और ऑडियोबुक्स उपलब्ध होंगे, जो तैयारी को आसान बनाएंगे और शिक्षण प्रक्रिया की गुणवत्ता को बेहतर करेंगे।”
आगे कहा कया कि, “ये संसाधन ऑफलाइन मोड में भी उपलब्ध होंगे, जिससे देशभर में सभी विद्यार्थियों को शिक्षा तक समान रूप से पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।”
KATBOOKs की शुरुआत से पूरे भारत में लगभग 25 करोड़ छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे यह विश्व स्तर पर सबसे बड़े EdTech डिप्लॉयमेंट्स में से एक बन जाएगा। पायलट प्रोग्राम की शुरुआत चुनिंदा राज्यों में की जाएगी, जिसके बाद आने वाले 18 महीनों में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
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