Press Trust of India | August 26, 2026 | 10:42 PM IST | 2 mins read
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एमपीएससी के सहायक अनुभाग अधिकारी विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते और गोपाल भट्टू मराठे तथा एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेंदवे के रूप में हुई।

नई दिल्ली: औषधि निरीक्षक (समूह-बी) की परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले में मुंबई पुलिस ने बुधवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के तीन अधिकारियों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्हें एक अदालत ने 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। संबंधित परीक्षा का आयोजन इस साल की शुरुआत में किया गया था।
पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एमपीएससी के सहायक अनुभाग अधिकारी विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते और गोपाल भट्टू मराठे, एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेंदवे, नंदुरबार स्थित कौटिल्य अकादमी के निदेशक प्रवीण दिलीप पाटिल और दो कथित सह-साजिशकर्ताओं अमृत नामदेव पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल के रूप में हुई है।
उन्होंने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर परीक्षा से पहले ही परीक्षा के सवाल हासिल कर लिए, उन्हें एक अलग सेट में इकट्ठा किया और अनधिकृत लोगों को बांट दिया। यह मामला महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के तहत औषधि निरीक्षक (समूह-बी) के पदों के लिए 22 मार्च को आयोजित ‘ऑफलाइन स्क्रीनिंग’ परीक्षा से जुड़ा है।
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पुलिस ने बताया कि विशेषज्ञों ने कड़े गोपनीयता नियमों के तहत प्रश्नपत्र तैयार किए थे। हालांकि, संदिग्धों ने कथित तौर पर इस गोपनीय प्रक्रिया का उल्लंघन किया, परीक्षा से पहले ही प्रश्न हासिल कर लिए, उनका एक 'डुप्लीकेट सेट' तैयार किया और अनधिकृत लोगों को उपलब्ध करा दिया। शुरुआती जांच से एमपीएससी परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि हुई है।
अपराध शाखा के संपत्ति प्रकोष्ठ से जुड़े पुलिस निरीक्षक मंगेश देसाई की शिकायत पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार निवारण अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और लोकसेवकों द्वारा भ्रष्टाचार किए जाने जैसे आरोप शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सभी छह आरोपियों को यहां एक सत्र अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। एमपीएससी ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी की शुरुआती जांच के बाद, संबंधित पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया रद्द करने की घोषणा की थी।