जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने सीएम हेमंत सोरेन से प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग की
Press Trust of India | September 6, 2026 | 10:49 AM IST | 2 mins read
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 25 जुलाई से प्रदर्शन शुरू किया था।
नई दिल्ली: झारखंड में कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के 26 दिन के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आंदोलन के दौरान राज्यभर में छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की शनिवार को मांग की। मंच ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मंच ने कहा, “छात्रों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के खिलाफ 26 दिनों तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन किया।” मंच ने कहा, “इस दौरान और इसके बाद छात्रों की आवाज दबाने के प्रयास में झारखंड के विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज की गईं।”
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर देशभर में छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए मंच ने कहा कि झारखंड में कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी अब तक वापस नहीं ली गई हैं।
मंच ने पत्र में कहा, “हम झारखंड के विभिन्न थानों में छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तत्काल वापस लेने, छात्रों का पीछा करके उनके साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा 2014 से जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की सीबीआई से उच्चस्तरीय जांच की सिफारिश करने की मांग करते हैं।”
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बीते 23 अगस्त को रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में विरोध मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के बीच हुई झड़पों के सिलसिले में कम से कम छह प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इन प्राथमिकी में 50 से अधिक नामजद और 1,100 से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 25 जुलाई से प्रदर्शन शुरू किया था। झारखंड सरकार द्वारा 18 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल-2023 समेत कई भर्ती परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था।
जेएसएससी-सीजीएल-2023 परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित की गई थी। हालांकि, सफल अभ्यर्थियों की याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय ने जेएसएससी-सीजीएल-2023 समेत कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी। सफल अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द होने से नौकरी जाने की आशंका जताई है।
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