Global Hunger Index 2026: ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 24.1 स्कोर के साथ 100वें पायदान पर भारत
Saurabh Pandey | October 14, 2026 | 05:42 PM IST | 2 mins read
ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 24.1 स्कोर के साथ भारत 100वें स्थान पर है। भारत का प्रदर्शन तिमोर-लेस्ते, पापुआ न्यू गिनी, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से बेहतर है।
नई दिल्ली : ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) 2026 की वैश्विक सूची जारी कर दी गई है, जहां 122 देशों में भारत 100वें स्थान पर है। भारत 24.1 के स्कोर के साथ वर्ष 2012 से लगातार 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है। "बिना खाद्य सुरक्षा के कोई सुरक्षा नहीं" शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की प्रगति की रफ्तार धीमी हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जहां बाल बौनापन और कुपोषण के मामलों में कमी आई है, वहीं चाइल्ड वेस्टिंग की दर बढ़ी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के ग्लोबल हंगर इंडेक्स स्कोर में सुधार तो हुआ है, लेकिन 2006-2012 की अवधि के मुकाबले इसकी गति काफी धीमी रही है। वर्ष 2018 में भारत का स्कोर 25.8 था जो 2026 में घटकर 24.1 पर आया है। यह सुधार 2006 से 2012 के बीच दर्ज किए गए 8.2 अंकों के तेज सुधार की तुलना में काफी कम है।
Global Hunger Index 2026: इन चार मुख्य मानकों पर गणना
हालांकि, रैंकिंग के मामले में भारत ने पिछले साल (123 देशों में 102वें स्थान) की तुलना में दो पायदान का सुधार दर्ज किया है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स की गणना चार मुख्य मानकों-कुपोषण, चाइल्ड वेस्टिंग, बाल बौनापन और बाल मृत्यु दर के आधार पर की जाती है।
Global Hunger Index 2026: कुपोषण की दर घटी
विभिन्न मानकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2026 में भारत में कुपोषण की दर घटकर 9.8% पर आ गई है, जो पिछले वर्ष में 10.5% थी। इसके विपरीत, चाइल्ड वेस्टिंग की दर 16.9% से बढ़कर 19.0% हो गई है, जो इस क्षेत्र (दक्षिण एशिया) में सबसे अधिक है और हर वर्ष में बहुत उच्च स्तर पर बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर, बाल बौनापन घटकर 29.3% हो गया है, जिससे भारत पहली बार 'बहुत उच्च' से 'उच्च' श्रेणी में आ गया है।
भारत के हंगर इंडेक्स का पड़ोसी देशों से तुलना
पड़ोसी देशों और वैश्विक परिदृश्य की तुलना करें तो 2026 के हंगर इंडेक्स में भारत का स्कोर पाकिस्तान (25.5) और सोलोमन द्वीप (23.4) के आस-पास है। भारत का प्रदर्शन तिमोर-लेस्ते, पापुआ न्यू गिनी, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से तो बेहतर है, लेकिन यह लाओस और बांग्लादेश से पीछे है। पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र का औसत स्कोर 23.4 है, जबकि वैश्विक औसत 18.1 है। विश्व मानचित्र पर भारत 20.0 से 34.9 के स्कोर के साथ 'गंभीर' श्रेणी में आता है।
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