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IIT Roorkee: आईआईटी रुड़की, सी-डॉट एवं आईआईटी मंडी साथ मिलकर विकसित करेंगे सेल-फ्री 6जी नेटवर्क

Saurabh Pandey | August 1, 2024 | 12:39 PM IST | 2 mins read

इस कार्यक्रम में सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय, प्रमुख अन्वेषक - आईआईटी रुड़की के डॉ. अभय कुमार साह, सह-अन्वेषक - आईआईटी मंडी के डॉ. आदर्श पटेल तथा सी-डॉट के निदेशक डॉ. पंकज कुमार दलेला उपस्थित थे।

यह समझौता भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीटीडीएफ) योजना के तहत किया गया है।
यह समझौता भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीटीडीएफ) योजना के तहत किया गया है।

नई दिल्ली : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मंडी (आईआईटी मंडी) के साथ मिलकर भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (डॉट) के प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) के साथ सेल-फ्री 6G एक्सेस पॉइंट्स के विकास के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीटीडीएफ) योजना के तहत किया गया है, जिसे दूरसंचार उत्पादों एवं समाधानों के प्रौद्योगिकी डिजाइन, विकास, व्यावसायीकरण में शामिल घरेलू कंपनियों, भारतीय स्टार्टअप, शिक्षाविदों तथा अनुसंधान एवं विकास संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य किफायती ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवाओं को सक्षम बनाना है, जो पूरे भारत में डिजिटल डिवाइड को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मोबाइल नेटवर्क को मिलेगी मजबूती

पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क सेलुलर टोपोलॉजी का उपयोग करते हैं, जिसमें प्रत्येक सेल को मोबाइल ग्राहकों की सेवा के लिए 4जी/5जी जैसे एकल बेस स्टेशन द्वारा सेवा दी जाती है। 'सेल-फ्री' मैसिव एमआईएमओ (मल्टीपल-इनपुट एवं मल्टीपल-आउटपुट) एक ही समय में कई उपयोगकर्ता उपकरणों की सेवा करने के लिए एक विशाल क्षेत्र में कई एक्सेस पॉइंट (एपी) तैनात करके सेल व सेल सीमाओं को खत्म करता है।

इस कार्यक्रम में डॉ. साह एवं डॉ. पटेल ने प्रधानमंत्री के भारत 6जी विजन के अनुरूप अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने इस शोध पर सहयोग करने के अवसर के लिए डीओटी एवं सी-डॉट के प्रति आभार व्यक्त किया, और इस बात पर जोर दिया कि यह दूरसंचार क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान क्षमताओं और बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के प्रयासों को बल देता है।

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा, "सी-डॉट के साथ यह साझेदारी अत्याधुनिक दूरसंचार प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईआईटी रुड़की को इस पहल का नेतृत्व करने पर गर्व है।

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इस कार्यक्रम में सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय, प्रमुख अन्वेषक - आईआईटी रुड़की के डॉ. अभय कुमार साह, सह-अन्वेषक - आईआईटी मंडी के डॉ. आदर्श पटेल तथा सी-डॉट के निदेशक डॉ. पंकज कुमार दलेला उपस्थित थे।

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