Santosh Kumar | February 26, 2024 | 01:55 PM IST | 2 mins read
'गर्भिणी-GA2' भारतीय जनसंख्या डेटा का उपयोग करके विकसित और मान्य किया जाने वाला पहला अंतिम-तिमाही जीए अनुमान मॉडल है।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) और ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (टीएचएसटीआई), फरीदाबाद के शोधकर्ताओं ने गर्भिणी-GA2 के रूप में एक नया एआई मॉडल विकसित किया है। ये मॉडल दूसरी और तीसरी तिमाही में गर्भवती महिला में भ्रूण की उम्र का सटीक अनुमान लगाएगा। यह भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल है जो इस काम में योगदान देगा।
गर्भिणी-GA2 मॉडल को 'इंटरडिसिप्लिनरी ग्रुप फॉर एडवांस्ड रिसर्च ऑन बर्थ आउटकम्स-डीबीटी इंडिया इनिशिएटिव (गर्भ-इनि)' कार्यक्रम के हिस्से के रूप में विकसित किया है। यह गर्भवती महिलाओं की उचित देखभाल और सटीक प्रसव तिथि के बारे में अधिक जानकारी देगा।
'गर्भिणी-GA2' भारतीय जनसंख्या डेटा का उपयोग करके विकसित और मान्य किया जाने वाला पहला अंतिम-तिमाही जीए अनुमान मॉडल है। इसके निम्नलिखित लाभ इस प्रकार हैं-
इस रिसर्च का स्वागत करते हुए, भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सचिव डॉ. राजेश गोखले ने कहा, "गर्भ-आईएनआई डीबीटी का एक प्रमुख कार्यक्रम है, और गर्भकालीन आयु का अनुमान लगाने के लिए इन जनसंख्या-विशिष्ट मॉडलों का विकास सराहनीय है।" इन मॉडलों को पूरे देश में मान्य किया जा रहा है।
बता दें कि यह शोध डॉ. हिमांशु सिन्हा, एसोसिएट प्रोफेसर, भूपत और ज्योति मेहता स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, आईआईटी मद्रास, डॉ. शिंजिनी भटनागर और THSTI फरीदाबाद के प्रोफेसर द्वारा किया गया था।