आईआईटी मद्रास इंजीनियरिंग छात्रों को मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन में देगा ट्रेनिंग, 10 अक्टूबर तक होगा पंजीकरण
Saurabh Pandey | October 7, 2024 | 02:05 PM IST | 2 mins read
यह एक क्लासरूम-बेस्ड प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा। पाठ्यक्रम में 3डी मॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, सीएएम, सीएनसी प्रोग्रामिंग और सीएनसी मशीनिंग पर प्रैक्टिस शामिल है। इसके अलावा, पाठ्यक्रम प्रोडक्ट डेवलपमेंट, प्रोटोटाइप और परीक्षण के चरणों पर भी नॉलेज प्रदान करता है।
नई दिल्ली : आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन मैकेनिकल/मैन्युफैक्चरिंग/प्रोडक्शन बैकग्राउंड वाले इंजीनियरिंग छात्रों को ट्रेनिंग देने के लिए SWAYAM प्लस के साथ साझेदारी कर रहा है। इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्लेसमेंट में मदद की जाएगी। प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन ट्रेनिंग कार्यक्रम के लिए छात्रों का चयन करेगा। ट्रेनिंग कार्यक्रम आईआईटी मद्रास परिसर में होगा।
आईआईटी मद्रास में प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन की तरफ से आयोजित होने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2024 है। ट्रेनिंग कार्यक्रम 14 से 26 अक्टूबर 2024 तक होगा। इच्छुक उम्मीदवार (https://iitmpravartak.org.in/digital_mfg_practice) लिंक के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
यह एक क्लासरूम-बेस्ड प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा। पाठ्यक्रम में 3डी मॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, सीएएम, सीएनसी प्रोग्रामिंग और सीएनसी मशीनिंग पर प्रैक्टिस शामिल है। इसके अलावा, पाठ्यक्रम प्रोडक्ट डेवलपमेंट, प्रोटोटाइप और परीक्षण के चरणों पर भी नॉलेज प्रदान करता है।
पात्रता मानदंड
इंजीनियरिंग छात्र जिन्होंने अपनी डिग्री पूरी कर ली है या मैकेनिकल/मैन्युफैक्चरिंग/प्रोडक्शन बैकग्राउंड के साथ अपना अंतिम वर्ष कर रहे हैं, वे आवेदन करने के लिए पात्र होंगे।
यह पाठ्यक्रम थ्योरिटिकल इंजीनियरिंग कॉम्प्रीहेंशन और वास्तविक दुनिया की मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के बीच अंतर को कम करने के लिए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करता है। छात्र बुनियादी मैन्युफैक्चरिंग, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3डी प्रिंटिंग), कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (सीएडी) और कंप्यूटर-एडेड मैन्युफैक्चरिंग (सीएएम) के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।
प्रो. आर. सारथी, डीन (योजना), आईआईटी मद्रास ने कहा कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरिंग के मूलभूत पाठ्यक्रमों से सीखी गई आदर्श अवधारणाओं और वास्तविक दुनिया के बीच अंतर को कम करना है। पाठ्यक्रम की सामग्री मॉड्यूल मॉडलिंग, बेसिक मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और उद्यमिता को कवर करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Also read MP AYUSH NEET UG 2024 Counselling: एमपी आयुष नीट यूजी काउंसलिंग राउंड 1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी
SWAYAM Plus क्या है?
स्वयं प्लस शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और आईआईटी मद्रास की एक संयुक्त पहल है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के अनुरूप रोजगार-केंद्रित, कौशल पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने पर केंद्रित किया गया है। इसका उद्देश्य भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्नातकों के बीच रोजगार योग्य कौशल का निर्माण करना है। इसका उद्देश्य उद्योग कौशल को अकादमिक पाठ्यक्रमों के साथ संरेखित करना भी है, जिससे अंतर को कम किया जा सके।
आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन
आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन एक सेक्शन 8 कंपनी है, जो सेंसर, नेटवर्किंग, एक्चुएटर्स और कंट्रोल सिस्टम पर टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब का निर्माण करती है। इसे भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के तहत वित्त पोषित किया जाता है और इसकी मेजबानी आईआईटी मद्रास द्वारा की जाती है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा