IIT Madras का बड़ा कदम, ESPN India के पूर्व प्रमुख को बनाया स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का सीईओ
Santosh Kumar | February 19, 2024 | 04:33 PM IST | 2 mins read
रमेश कुमार आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र हैं। उनके पास भारत में कॉर्पोरेट और खेल उद्योग में लगभग 24 वर्षों का अनुभव है।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) ने खेल विज्ञान में अपने दायरों को बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने ईएसपीएन के पूर्व उपाध्यक्ष और ईएसपीएनक्रिकइन्फो के वैश्विक प्रमुख रमेश कुमार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स साइंस एंड एनालिटिक्स (CESSA) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है।
रमेश कुमार आईआईटी मद्रास 1992 बैच के पूर्व छात्र हैं। उन्होने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उनके पास भारत में टाटा समूह के साथ शुरुआती कॉर्पोरेट कार्यकाल और खेल उद्योग में लगभग 24 वर्षों का अनुभव है। आईआईटी मद्रास में कुमार का स्वागत करते हुए, आईआईटी मद्रास के डीन महेश पंचाग्नुला ने कहा, “हमें खुशी है कि सीईएसएसए का नेतृत्व रमेश करेंगे। इस क्षेत्र में उनको काफी अनुभव है।"
संस्थान ने बताया कि खेल प्रौद्योगिकी में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी मद्रास में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स साइंस एंड एनालिटिक्स की स्थापना की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य एथलीटों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए उत्पाद और समाधान प्रदान करना है। इसके साथ ही यह सामान्य फिटनेस और स्वास्थ्य उपभोक्ताओं की सेवा के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में भी कार्य करेगा।
CESSA मीडिया प्लेटफार्मों पर उत्पाद और समाधान तैयार करेगा, उन्हें वितरित करेगा, और खेल महासंघों और निकायों के साथ मिलकर प्रशंसकों के जुड़ाव को बढ़ाने का काम करेगा। CESSA एक इनक्यूबेटर इकोसिस्टम स्थापित करेगा जो स्पोर्ट्स टेक स्टार्ट-अप का समर्थन करेगा। यह मॉडलिंग, डेटा साइंस, IoT और AI और वियरेबल्स और बायोमैकेनिक्स के क्षेत्र में माहिर होगा।
रमेश कुमार ने कहा कि मैं केंद्र में शामिल होने और क्षेत्रों में गहन तकनीकी ज्ञान और डोमेन ताकत का लाभ उठाने के लिए उत्साहित हूं। आईआईटी मद्रास का केंद्र छात्रों और प्रशिक्षकों को उच्च गुणवत्ता वाले खेल विज्ञान और शिक्षा पाठ्यक्रम और खेल कोचिंग उत्पाद प्रदान करेगा।
आगामी सालों में, CESSA अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी होगा और दुनिया के अग्रणी संस्थानों के साथ सहयोग करेगा। CESSA ने पहले से ही भारतीय खेल प्राधिकरण, राष्ट्रीय खेल विज्ञान अनुसंधान केंद्र, इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, और बर्मिंघम विश्वविद्यालय के साथ सहयोग किया है।
इसका उद्देश्य हर साल 25 स्टार्ट-अप को इनक्यूबेट करना और खेल-संबंधी एनालिटिक्स सेवा प्रदान करने के लिए एक केंद्रीय डेटा, अंतर्दृष्टि, और एनालिटिक्स हब विकसित करना है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच