Saurabh Pandey | September 3, 2026 | 08:51 PM IST | 2 mins read
आईआईटी दिल्ली ने अपने सोनीपत कैंपस में पहला एकेडमिक प्रोग्राम शुरू किया है। इसके पहले बैच की कक्षाएं 3 सितंबर से शुरू हो चुकी हैं।

नई दिल्ली : आईआईटी दिल्ली ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) और फ्रांस के INES - Institut National de l'Energie Solaire के साथ मिलकर सोनीपत कैंपस में अपना पहला एकेडमिक प्रोग्राम "सोलर सिस्टम्स एंड मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा" शुरू किया है। इसकी पहली क्लास 3 सितंबर, 2026 को शुरू हुई। इस कार्यक्रम के पहले बैच में आठ देशों के नौ इंटरनेशनल फेलो शामिल हैं।
आईआईटी दिल्ली का डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग (DESE) यह प्रोग्राम चला रहा है। यह पीजी डिप्लोमा कोर्स एक प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसमें आईएसए द्वारा चुने गए फेलो 1 साल के इस प्रोग्राम का हिस्सा हैं और उन्हें एक्सपर्ट एकेडेमिशियन और इंडस्ट्री पार्टनर ट्रेनिंग देंगे। यूनाइटेड नेशंस इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (UNIDO) ने इस पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम को स्पॉन्सर किया है।
पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, ISA फेलो यूरोप में अप्लाइड सोलर टेक्नोलॉजी पर एक महीने की इंटर्नशिप करेंगे। इसके बाद उन्हें अपने-अपने देशों में सोलर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन रिसोर्स सेंटर्स (STAR-C) में तैनात किया जाएगा।
इस प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए, आईआईटी दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग (DESE) के हेड, प्रोफेसर रमेश नारायणन ने कहा कि इस पहल के साथ आईआईटी दिल्ली एनर्जी एजुकेशन और मैनेजमेंट के क्षेत्र में ग्लोबल स्तर पर सबसे आगे आ गया है। यह प्रोग्राम 120 से अधिक आईएसए देशों के इंटरनेशनल प्रतिभागियों को आईएसए सदस्य देशों में सोलर टेक्नोलॉजी और एप्लीकेशन रिसोर्स सेंटर्स (STAR-C) में ट्रेनर के तौर पर ट्रेनिंग देगा।
आईआईटी दिल्ली सोनीपत कैंपस के प्रोफेसर-इन-चार्ज, प्रोफेसर सोमनाथ वैद्य रॉय ने कहा कि यह एक मील का पत्थर है, क्योंकि यह संस्थान के सोनीपत कैंपस में फिजिकल क्लास वाला पहला टीचिंग प्रोग्राम है। हम आने वाले सालों में ऐसे और भी प्रोग्राम शुरू करने की योजना बना रहे हैं।