Abhay Pratap Singh | September 16, 2026 | 12:14 PM IST | 2 mins read
सीजेपी ने कहा, उत्तर प्रदेश में हमारे स्कूल सोशल ऑडिट के शुरू होने के 6 घंटे से भी कम समय में योगी सरकार की कैबिनेट ने 14,000 से अधिक प्राइमरी स्कूलों को “स्मार्ट स्कूलों” में बदलने का फैसला किया।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को अपने “स्कूल ठीक करो” अभियान के तहत नोएडा के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया और वहां शौचालयों की खराब स्थिति समेत अन्य समस्याओं को लेकर सवाल उठाया। हालांकि, जिला प्रशासन ने निरीक्षण के बाद विद्यालयों को बंद किए जाने के दावे को खारिज कर दिया है।
सीजेपी के सह-संयोजक और प्रवक्ता सौरव दास ने निरीक्षण के दौरान टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि टीम जब विद्यालय पहुंची तो कक्षाएं चल रही थीं और बच्चे मौजूद थे।
दास ने कहा कि निरीक्षण के दौरान शिक्षकों ने सहयोग भी किया। उन्होंने कहा कि टीम ने बाद में तीन अन्य सरकारी विद्यालयों का दौरा करने की कोशिश की, लेकिन उसे प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। कॉजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि इनमें से एक विद्यालय के प्रवेश द्वार के बाहर कचरा जमा था।
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संगठन ने आरोप लगाया कि नोएडा प्रशासन ने विद्यालयों के कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें कॉजपा के प्रतिनिधियों को परिसर का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं देने के लिए “पांच से छह बार” निर्देश दिए थे।
एक्स पर एक पोस्ट में दास ने बताया , उत्तर प्रदेश में हमारे स्कूल सोशल ऑडिट के शुरू होने के 6 घंटे से भी कम समय में योगी सरकार की कैबिनेट ने 14,000 से अधिक प्राइमरी स्कूलों को “स्मार्ट स्कूलों” में बदलने का फैसला किया।
आगे कहा, लेकिन बजट सिर्फ 300 स्कूलों के लिए है। हर स्कूल के लिए सिर्फ 2 लाख रुपये। जबकि बीजेपी सिर्फ एक बीजेपी ऑफिस बनाने में ही 300 करोड़ रुपये खर्च कर देती है। तो फिर युवाओं के साथ यानी यूपी और हमारे देश के भविष्य के साथ ऐसा बर्ताव क्यों? युवा पीढ़ी को बेवकूफ बनाने की कोशिश न करें।
(पीटीआई से प्राप्त इनपुट के आधार पर)