Abhay Pratap Singh | July 10, 2024 | 03:45 PM IST | 2 mins read
सीबीएसई ने कहा कि एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 6 के लिए एक ब्रिज कोर्स तथा कक्षा 3 के लिए संक्षिप्त दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं।
Explore the best courses after 10th across science, commerce, arts, and vocational streams. Find the right path based on your interests and build a strong career foundation.
Download EBook
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बताया कि कक्षा 3 और कक्षा 6 के अलावा अन्य सभी कक्षाओं के पाठ्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, सीबीएसई कक्षा 9 और 12 के लिए एक वार्षिक पाठ्यक्रम पेश करेगा जिसमें शैक्षणिक सामग्री, सीखने के परिणामों के साथ परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम, शैक्षणिक अभ्यास और मूल्यांकन दिशानिर्देश शामिल होंगे।
CBSE 2026 Class 10 Second Board Exam QP's: Math | Math Std. | English | Science
CBSE 2026 Class 10 Second Board Exam Answer Key: Math | Math Std. | English | Science
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन ने कहा कि स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। जहां तक संभव हो सके बहुभाषिकता, कला-एकीकृत शिक्षा, अनुभवात्मक शिक्षा और शैक्षणिक योजनाओं जैसी पद्धतियों को शामिल करना चाहिए।
सीबीएसई बोर्ड ने जारी सूचना में कहा कि, “मौजूदा पाठ्यक्रम या पाठ्यपुस्तकों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्कूलों को एक बार फिर निर्देश दिया जाता है कि वे इन कक्षाओं के लिए पिछले शैक्षणिक वर्ष 2023-24 की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करना जारी रखें।”
एनसीईआरटी ने 18 मार्च को CBSE को लिखे पत्र में बताया कि कक्षा 3 और 6 की नई पाठ्यपुस्तकें जल्द प्रकाशित की जाएंगी। कक्षा 6 के लिए एक ब्रिज कोर्स और कक्षा 3 के लिए संक्षिप्त दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों को NCF-SE 2023 के साथ नए शैक्षणिक अभ्यास और अध्ययन के क्षेत्रों को आसान बनाया जा सके।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए शेष कक्षाओं के पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। बता दें कि, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कक्षा 6 की नई पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में देरी को लेकर केंद्र की आलोचना की।
हाल ही में, एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी के कहा था कि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में ‘भारत’ और ‘इंडिया’ शब्दों का परस्पर उपयोग किया जाएगा। जिसके बाद राजनीति विशेषज्ञ योगेंद्र यादव और सुहास पलशिकर ने पाठ्यपुस्तकों से अपने नाम हटाने की बात कही और ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।