Saurabh Pandey | August 14, 2026 | 12:41 PM IST | 2 mins read
सीबीएसई ने स्कूलों के लिए दो नए नोटिस जारी किए हैं। पहला नोटिस शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को CBSE NISHTHA कोर्स 2026-27 में एनरोल करने के लिए है। दूसरा नोटिस छात्रों और शिक्षकों के लिए DIKSHA पर 845 से अधिक वर्चुअल लैब की जानकारी देता है।

नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए 'निष्ठा' (NISHTHA) ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के पहले राउंड में नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को इन दक्षता-आधारित एवं एडवांस ट्रेनिंग पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेने के निर्देश दिए हैं। CIET-NCERT द्वारा संचालित किए जा रहे इन पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए शिक्षक 31 अगस्त 2026 तक अपना नामांकन करा सकते हैं।
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों, विद्यालय प्रमुखों और शिक्षक प्रशिक्षकों की क्षमताओं को मजबूत करने में सतत व्यावसायिक विकास (CPD) एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पहल शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों को अपनाने, शिक्षा से जुड़ी नई प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने तथा शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद करती है।
सीबीएसई ने स्कूलों के लिए दो नए नोटिस जारी किए हैं। पहला नोटिस शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को CBSE NISHTHA कोर्स 2026-27 में एनरोल करने के लिए है। दूसरा नोटिस छात्रों और शिक्षकों के लिए DIKSHA पर 845 से अधिक वर्चुअल लैब की जानकारी देता है। दोनों नोटिस का मकसद देश भर में बेहतर लर्निंग को बढ़ावा देना है।
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी-नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (CIET-NCERT) के जरिए निष्ठा कैटेगरी II (प्रोफिशिएंसी कोर्स) और निष्ठा कैटेगरी III (एडवांस्ड कोर्स) के तहत कोर्स ऑफर किए जा रहे हैं, जो अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों, विद्यालय प्रमुखों और शिक्षक प्रशिक्षकों की व्यावसायिक दक्षताओं को मजबूत करना
निष्ठा कैटेगरी II के तहत दो कोर्स उपलब्ध हैं- निष्ठा फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) और निष्ठा अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE)। निष्ठा कैटेगरी III में साइबर हाइजीन प्रैक्टिसेज: पर्सनल डिजिटल डिवाइसेस, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट) से पर्यावरण को होने वाले नुकसान, एक्शन रिसर्च और 'कैच द रेन' (अंग्रेजी और हिंदी में) जैसे कोर्स शामिल हैं। ये कोर्स उन सभी स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों के लिए हैं जो फाउंडेशनल और प्रिपरेटरी स्टेज (कक्षा 5 तक) पर काम कर रहे हैं।