BPSC Exam Protest: बीपीएससी 70वीं सीसीई परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रशांत किशोर का आमरण अनशन जारी
Press Trust of India | January 3, 2025 | 02:27 PM IST | 2 mins read
इस बीच, शुक्रवार की सुबह सचिवालय हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने समर्थकों के साथ रेल पटरियों पर धरना दिया।
नई दिल्ली: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 13 दिसंबर, 2024 को आयोजित 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा (CCE) को रद्द करने की मांग को लेकर जन स्वराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर का गांधी मैदान में आमरण अनशन जारी है। इस बीच, शुक्रवार को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने अपने समर्थकों के साथ पटना सचिवालय हाल्ट पर रेल पटरियों पर धरना दिया।
शुक्रवार की सुबह सचिवालय हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में यादव समर्थक एकत्र हुए और रेल की पटरी पर बैठ गए तथा ट्रेनों की आवाजाही को बाधित करने का प्रयास किया। बीपीएससी के मुद्दे को लेकर यादव के अपने समर्थकों के साथ रेल और राष्ट्रीय राजमार्ग रोको अभियान की घोषणा के मद्देनजर सचिवालय हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदर्शनकारी ट्रेनों की आवाजाही को बाधित न कर सकें।
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए यादव ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से लेकर प्रदेश में हर स्तर पर छात्रों के मुद्दे का हल निकाले जाने का प्रयास किया पर सरकार सुनने को तैयार नहीं है। अब वह इसको लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान में बृहस्पतिवार से आमरण अनशन पर बैठे किशोर ने पत्रकारों से कहा कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार छात्रों की मांग पर विचार नहीं करती।
किशोर ने तीन दिन पहले नीतीश कुमार सरकार को नाराज उम्मीदवारों की मांग पर कार्रवाई करने के लिए ‘48 घंटे का अल्टीमेटम’ दिया था। हालांकि, पटना जिला प्रशासन ने गांधी मैदान में किशोर के अनशन को नियम विरुद्ध बताते हुए आमरण अनशन पर बैठने पर जन सुराज के संस्थापक और उनके समर्थकों के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की थी।
प्रशासन द्वारा उनके अनशन को अवैध बताए जाने के बारे में पूछे जाने पर किशोर ने शुक्रवार को कहा, “किस कानून के तहत हम यहां नहीं बैठ सकते? यह सार्वजनिक स्थल है और यहां बागवानी मेला सहित कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। यहां सैकड़ों की संख्या में लोग हर रोज टहलने आते हैं। हम किसी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। हमारे अनशन से जनता को किसी तरह की कोई परेशानी ने हो नहीं रही है।”
बीपीएससी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को भाकपा माले लिबरेशन की छात्र ईकाई आइसा ने समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की है। युवा कांग्रेस की राज्य इकाई ने भी पटना स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम से एक किलोमीटर दूर स्थित प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की समाधि तक “मशाल जुलूस” निकालने का ऐलान किया है।
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