बिहार को 1.21 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, 68807 से अधिक रोजगार की उम्मीद - मंत्री श्रेयसी सिंह

Press Trust of India | October 23, 2026 | 06:20 PM IST | 2 mins read

मंत्री ने कहा, राज्य सरकार निवेश बढ़ाने के लिए निवेशक अनुकूल नीतियों, बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर ध्यान दे रही है।

बिहार सरकार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह। (इमेज-एक्स/ @_ShreyasiSingh)

नई दिल्ली: बिहार में वर्ष 2025 से अब तक 1.21 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 1,091 प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 68,807 से अधिक रोजगार पैदा होने का अनुमान है। राज्य सरकार पात्र निवेशकों को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईपीपी) के तहत मुफ्त भूमि भी उपलब्ध करा रही है। बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश बढ़ाने के लिए निवेशक अनुकूल नीतियों, बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में उद्योगों के लिए 14,600 एकड़ से अधिक नई भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में काम चल रहा है। इसके तहत 25 जिलों में 28 स्थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।

बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने वित्त वर्ष 2025-26 से अब तक 521 औद्योगिक इकाइयों को 727 एकड़ भूमि आवंटित की है। इन इकाइयों से 18,380 करोड़ रुपये का निवेश आने और 49,167 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि राज्य में 94 औद्योगिक क्षेत्रों का नेटवर्क विकसित किया गया है।

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उद्यमियों को जल्द उत्पादन शुरू करने की सुविधा देने के लिए 32 लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में तैयार औद्योगिक ढांचा भी उपलब्ध कराया गया है। इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी गई हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को गया जिले के डोभी में 1,670 एकड़ में विकसित होने वाली बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड परियोजना का शुभारंभ करेंगे और इसका वेब पोर्टल भी पेश करेंगे। इसके बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।

उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि इस परियोजना में विनिर्माण इकाइयों के लिए आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां साझा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि बिहार सेमीकंडक्टर नीति, 2026 के जरिए उच्च प्रौद्योगिकी वाले उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पटना में 171 करोड़ रुपये के निवेश से 15 एकड़ भूमि पर नया प्रौद्योगिकी केंद्र विकसित किया जा रहा है। राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी विकसित करने का प्रस्ताव भी जल्द मंत्रिमंडल के समक्ष भेजा जाएगा। इस अवसर पर हथकरघा एवं रेशम निदेशक डॉ. विद्यानंद सिंह और एमएसएमई निदेशक अमन समीर भी मौजूद थे।

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