Press Trust of India | May 11, 2026 | 11:01 PM IST | 1 min read
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 (TRE-4) के अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षा की अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी के विरोध में पटना में प्रदर्शन किया था।

नई दिल्ली: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने 11 मई को कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा की महिला अभ्यर्थियों को आंदोलन करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य सरकार उनके अधिकारों के समर्थन में मजबूती से खड़ी है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 (TRE-4) के अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षा की अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी के विरोध में शुक्रवार को पटना में प्रदर्शन किया था।
बिहार में बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा के जरिये 46 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति किए जाने की उम्मीद है, लेकिन यह परीक्षा अप्रैल 2026 की प्रारंभिक समय-सीमा के बावजूद आयोजित नहीं की गई है।
पुलिसकर्मियों के महिला प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने के बारे में पूछे जाने पर शिक्षा मंत्री ने कहा, “आंदोलन की क्या जरूरत है। हमारी बेटियां हमारी ताकत हैं और राष्ट्र की समृद्धि की आधारशिला हैं।”
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश ने आगे कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ‘नारी शक्ति वंदन’ के समर्थन में हैं, तो महिला अभ्यर्थियों को सड़कों पर उतरने की क्या जरूरत है।”
पटना पुलिस ने शुक्रवार को विरोध मार्च निकाल रहे अभ्यर्थियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया था।