Saurabh Pandey | October 15, 2026 | 02:14 PM IST | 1 min read
एनसीटीई ने टीजीटी नियुक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नोटिस को झूठा और भ्रामक बताया है। संस्थान ने इश मामले पर स्पष्टीकरण दे दिया है।

नई दिल्ली : सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के बीच हाल ही में एक फर्जी पत्र को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस पत्र में यह दावा किया गया था कि ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) पदों पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों के पास वैलिड शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) सर्टिफिकेट होने के साथ-साथ स्नातक में कम से कम 50% अंक होना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने 15 अक्टूबर को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए स्थिति स्पष्ट की है। एनसीटीई ने वायरल हो रहे इस नोटिस को पूरी तरह से फर्जी, निराधार और भ्रामक करार दिया है।
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि उनकी तरफ से ऐसा कोई भी नया आदेश या पात्रता नियमों में बदलाव जारी नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे इस पत्र पर बिल्कुल भरोसा न करें और न ही इसे कोई आधिकारिक बदलाव समझें।
एनसीटीई ने परीक्षार्थियों को सचेत करते हुए कहा है कि शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को किसी भी वायरल दस्तावेज पर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी पद के लिए शैक्षणिक योग्यता, न्यूनतम अंक, टीईटी की अनिवार्यता और विषय संयोजन जैसे नियम संबंधित भर्ती बोर्ड या आयोग द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञापन के आधार पर ही तय होते हैं। अलग-अलग राज्यों और विभागों में भर्ती के नियम भिन्न हो सकते हैं, इसलिए केवल प्राधिकृत वेबसाइटों पर जारी नोटिफिकेशन को ही प्रमाणिक मानें।