Santosh Kumar | November 14, 2024 | 10:22 AM IST | 2 mins read
छात्रों की मांग है कि यूपीपीएससी परीक्षाएं, खासकर पीसीएस और आरओ/एआरओ परीक्षाएं पहले की तरह एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएं।
नई दिल्ली: यूपी लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रयागराज के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मंदर ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन और आयोग द्वारा उनकी समस्याओं के समाधान के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। प्रतियोगी छात्र आंदोलन का आज (14 नवंबर) चौथा दिन है जहां छात्र 'एक दिन, एक परीक्षा' की मांग पर अड़े हुए हैं।
डीएम मंदर ने कहा कि आयोग और उसका प्रतिनिधिमंडल छात्रों से बात करने के लिए तैयार है, लेकिन छात्र तैयार नहीं हैं। हमने छात्रों से अनुरोध किया कि वे एक प्रतिनिधिमंडल बनाएं ताकि हम चर्चा कर सकें और समाधान निकाल सकें।
प्रयागराज डीएम ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र सुनने को तैयार नहीं हैं। इससे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने छात्रों को समर्थन का भरोसा दिया और कहा कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से ले रही है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं। एएनआई से बात करते हुए मौर्य ने कहा कि भाजपा छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है। दूसरी ओर, आंदोलन के तीसरे दिन यानी बुधवार को छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला।
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यूपीपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों ने प्रयागराज में यूपीपीएससी भवन के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग है कि यूपीपीएससी परीक्षाएं, खासकर पीसीएस और आरओ/एआरओ परीक्षाएं पहले की तरह एक ही दिन में आयोजित की जाएं।
उनका मानना है कि इससे प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और प्रबंधनीय हो जाएगी। छात्रों का विरोध तब शुरू हुआ जब यूपीपीएससी ने घोषणा की कि आरओ-एआरओ परीक्षा दो दिनों में कई शिफ्टों में आयोजित की जाएगी।
आयोग ने नोटिफिकेशन में इस बात का जिक्र नहीं किया कि परीक्षा दो दिन में आयोजित की जाएगी। यूपीपीएससी ने पीसीएस प्री परीक्षा के लिए 7-8 दिसंबर और आरओ-एआरओ प्री परीक्षा के लिए 22-23 दिसंबर की तिथियां घोषित की हैं।
सोर्स-एएनआई