Press Trust of India | November 7, 2025 | 10:06 PM IST | 1 min read
एनबीई के वकील ने दलील दी कि कोचिंग संस्थान ये याचिकाएं इसलिए दायर कर रहे हैं क्योंकि वे प्रश्न पुस्तिकाओं की उत्तर कुंजी हासिल करना चाहते हैं। वकील ने तर्क दिया कि इससे परीक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी।
Get complete details on the NEET PG 2026 syllabus, including subject-wise topics, weightage, and important areas to focus on for effective exam preparation.
Download now
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार (7 नवंबर) को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) की उत्तर कुंजी प्रकाशित करने संबंधी अपनी नीति का खुलासा करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने एनबीई के वकील से हलफनामा दाखिल कर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
शीर्ष अदालत राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उठाने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पारदर्शिता के तौर पर उत्तर कुंजी का खुलासा किए जाने की बात भी शामिल है।
सुनवाई के दौरान, एनबीई के वकील ने दलील दी कि कोचिंग संस्थान ये याचिकाएं इसलिए दायर कर रहे हैं क्योंकि वे प्रश्न पुस्तिकाओं की उत्तर कुंजी हासिल करना चाहते हैं। वकील ने तर्क दिया कि इससे परीक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी।
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने 26 सितंबर को नीट-पीजी 2025 की उत्तर कुंजी प्रकाशित करने की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड को नोटिस जारी किए थे।
Also readNEET PG Counselling 2025: नीट पीजी राउंड 1 चॉइस फिलिंग की लास्ट डेट बढ़ी, संशोधित शेड्यूल जल्द
पीठ उत्तर कुंजियों के प्रकाशन सहित पारदर्शिता बढ़ाने के उपायों का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। न्यायालय ने 29 अप्रैल को पारदर्शिता के लिए ‘मूल अंक’, उत्तर कुंजियों और सामान्यीकरण सूत्र के प्रकाशन का निर्देश दिया।
इससे पहले, उम्मीदवारों के पास उत्तर कुंजियों या ‘मूल अंक’ के विवरण तक पहुंच नहीं थी, जिससे सामान्यीकरण प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंताएं जताई गई थीं। नीट पीजी 2025 परीक्षा एनबीई द्वारा 3 अगस्त को आयोजित की गई।