Santosh Kumar | January 24, 2026 | 04:38 PM IST | 1 min read
अशोक गहलोत ने कहा, ‘‘आरएसएसबी में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।'

जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं के ओएमआर शीट में हेरफेर करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने पर भाजपा सरकार की कथित चुप्पी पर शनिवार को सवाल उठाया। गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।'
अशोक गहलोत ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये का जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त करने जैसा देश का सबसे सख्त कानून बनाया।"
पूर्व सीएम ने आगे कहा, "हमने बिना किसी भेदभाव के आरपीएससी सदस्य तक को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर नजीर पेश की। कभी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष नहीं मढ़ा, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की।
गहलोत ने कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया, ‘‘अब ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा करने वाली भाजपा सरकार बताए कि वह अपने कार्यकाल (2024-25) के दौरान हुई परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच करवाने की घोषणा करने से क्यों बच रही है?
क्या भाजपा सरकार युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती है?’’ विशेष ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने ओएमआर शीट में हेरफेर के प्रकरण में मंगलवार को आरएसएसबी के तकनीकी प्रमुख सहित 4 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।