Press Trust of India | May 5, 2025 | 10:24 AM IST | 2 mins read
आरोपियों ने 'एडमिशन व्यू' नाम से एक कंपनी बनाई थी जिसके जरिए वे एमबीबीएस अभ्यर्थियों का डेटा एकत्र करते थे और उन्हें कॉल करते थे।
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नई दिल्ली: स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा इकाई ने एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो कथित तौर पर नीट यूजी उम्मीदवारों से परीक्षा पास कराने के लिए पैसे मांग रहा था, पुलिस ने रविवार (4 मई) को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान विक्रम कुमार साहू (30), धर्मपाल सिंह और अनिकेत के रूप में हुई है, जो सभी दिल्ली के रहने वाले हैं।
एसटीएफ (नोएडा) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राज कुमार मिश्रा ने कहा, “नोएडा एसटीएफ इकाई ने एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो छात्रों को एनटीए नीट यूजी 2025 परीक्षा पास कराने के बहाने ठग रहा था।
आरोपियों ने अभ्यर्थियों के परिजनों या रिश्तेदारों से पैसे मांगे थे। आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने 'एडमिशन व्यू' नाम से एक कंपनी बनाई थी जिसके जरिए वे एमबीबीएस अभ्यर्थियों का डेटा इकट्ठा करते थे।
इसके बाद वे अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर कॉल करते थे। एएसपी राज कुमार मिश्रा ने बताया, "आरोपियों ने कॉलेज में सीट दिलाने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 5 लाख रुपये मांगे थे।"
केरल पुलिस ने फर्जी एडमिट कार्ड के साथ नीट परीक्षा देने वाले छात्र के मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, छात्र को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ के दौरान उसने परीक्षा में बैठने की बात स्वीकार कर ली है।
पुलिस के अनुसार, छात्र के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा समन्वयक की शिकायत के बाद छात्र को हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने कहा कि समन्वयक को एडमिट कार्ड पर दिए गए नाम, पते और परीक्षा केंद्र में विसंगतियां मिली हैं। परीक्षा रविवार (4 मई) को देश भर के 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई, जिसमें 20.8 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए।