Press Trust of India | May 5, 2025 | 07:55 AM IST | 2 mins read
एनटीए ने नीट से जुड़ी फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 160 टेलीग्राम चैनल और 30 इंस्टाग्राम अकाउंट की पहचान की है।
Enrol in Aakash Institute's Re-NEET 2026 victory batch at Rs. 99 only. Batch starts 16th May 2026.
Enrol Now
नई दिल्ली: मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) रविवार (4 मई) को देशभर में 5,400 से अधिक केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सुरक्षा उपायों के बीच आयोजित की गई, जिसमें 20.8 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। परीक्षा के लिए 22.70 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया। एनटीए के अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा में 20.8 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए।
परीक्षा का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को सभी नीट यूजी केंद्रों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अधिकांश केंद्र सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों में स्थापित किए गए।
कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में स्थापित एक परीक्षा केंद्र के बाहर ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों ने 4 मई को विरोध-प्रदर्शन किया और समुदाय के कुछ छात्रों को ‘जनेऊ’ उतारने के लिए कहने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग एक नीट छात्र को पेपर एडवांस में दिलवाने का झूठा वादा कर रहे थे। बदले में वे छात्र से 40 लाख रुपए ऐंठने की कोशिश कर रहे थे।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में नीट के अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर पैसे वसूलने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के 4 सदस्यों को पुलिस की विशेष अपराध इकाई ने शनिवार को गिरफ्तार किया।
दिल्ली में जहांगीरपुरी स्थित एक केंद्र पर कुछ छात्रों ने दावा किया कि उनका बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा नहीं हो सका। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आज तीन स्तर (जिला, राज्य और केंद्रीय स्तर) पर निगरानी की गई।
एनटीए ने नीट से जुड़ी फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 160 टेलीग्राम चैनल और 30 इंस्टाग्राम अकाउंट की पहचान की है। लोगों ने एनटीए के पोर्टल पर पेपर लीक की 2,300 से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई।
परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता की रक्षा के लिए एक निर्णायक कदम के रूप में, एजेंसी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कुछ टेलीग्राम और इंस्टाग्राम चैनलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जिन्होंने प्रश्नपत्र तक पहुंच होने का दावा किया।
एनटीए ने टेलीग्राम और इंस्टाग्राम से फर्जी खबरें फैलाने वाले चैनलों को तुरंत बंद करने को कहा। पिछले साल की अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार ने पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित करने के लिए एक समिति बनाई थी।
पिछले साल यूजीसी नेट जून परीक्षा को भी एनटीए द्वारा रद्द कर दिया गया था, क्योंकि मंत्रालय को जानकारी मिली थी कि इसकी शुचिता से समझौता किया गया है। दोनों मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है।