Abhay Pratap Singh | February 13, 2024 | 10:33 PM IST | 2 mins read
एमपी सरकार स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले ‘सीएम राइज स्कूल’ योजना लेकर आई थी।

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया है। इस बजट में सबसे ज्यादा राशि स्कूल शिक्षा विभाग को दी गई है। आगामी 4 माह के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अंतरिम बजट में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का यह पहला अंतरिम बजट है। एमपी में कुल 1.45 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया गया है। हालांकि, सबसे कम राशि विमानन विभाग को आवंटित की गई है।
एमपी सरकार स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले सीएम राइज स्कूल योजना लेकर आई थी। इस योजना के तहत राज्य भर में 9,200 सीएम राइज स्कूल खोले जाएंगे, वहीं प्रत्येक स्कूल में 2 हजार से 3 हजार छात्र होंगे। जुलाई माह में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होगी, जिस वजह से स्कूल डिपार्टमेंट को ज्यादा राशि दी गई है।
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वहीं, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने मोहन सरकार के अंतरिम बजट पर कहा कि मध्य प्रदेश में पिछले 10 साल में स्कूली शिक्षा पर 1.50 से 2 लाख करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में 39 लाख और निजी स्कूलों में 65 हजार बच्चों की संख्या कम हुई है। स्कूल शिक्षा में 2022-23 में 27 हजार करोड़ रुपए का बजट था, जिसमें से 15,205 करोड़ खर्च हुए हैं।
कांग्रेस नेता पटवारी ने आगे कहा कि 2020-21 में जहां पहली से कक्षा 8वीं तक 1.17 करोड़ बच्चे थे, वहींं शैक्षिक वर्ष 2021-22 में इनकी संख्या घटकर 1.15 करोड़ हो गई। स्कूलों में बच्चों की कमी तब है, जब प्रदेश में 370 सीएम राइस स्कूल खोले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि जरूरी यह है कि बजट घोषणाओं का जमीनी क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी और तत्परता से किया जाए।