Abhay Pratap Singh | January 28, 2026 | 01:21 PM IST | 2 mins read
इस शिफ्ट में गणित और रसायन विज्ञान के प्रश्न लंबे थे, जिनमें गणित अपेक्षाकृत अधिक समय लेने वाला रहा, जबकि भौतिकी का पेपर संतुलित था।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जेईई मेन 2026 सेशन 1 के लिए 28 जनवरी को शिफ्ट 1 की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक सफलतापूर्वक समाप्त करा ली गई है। जेईई मेन जनवरी 28 शिफ्ट 1 एनालिसिस के अनुसार, परीक्षा का समग्र कठिनाई स्तर मध्यम था और पिछले साल के जेईई मेन की तुलना में ओवरऑल पेपर थोड़ा मुश्किल था।
इस शिफ्ट में गणित और रसायन विज्ञान के प्रश्न लंबे थे, जिनमें गणित अपेक्षाकृत अधिक समय लेने वाला रहा, जबकि भौतिकी का पेपर संतुलित था। जेईई मेन जनवरी 2026 सत्र की परीक्षा के पांचवें दिन प्रथम पाली के पेपर का कठिनाई स्तर का क्रम गणित> रसायन विज्ञान> भौतिक विज्ञान रहा।
उम्मीदवार जेईई मेन जनवरी 28 शिफ्ट 1 एनालिसिस 2026 की जांच विषयवार कर सकते हैं:
भौतिकी का पेपर कुल मिलाकर आसान से मध्यम स्तर का रहा और अन्य शिफ्टों की तुलना में इसे अपेक्षाकृत आसान माना गया। हालांकि, गणित और रसायन विज्ञान की तुलना में भौतिकी का स्तर थोड़ा कठिन रहा। छात्रों के अनुसार, भौतिकी सेक्शन हल करने में औसतन लगभग एक घंटे का समय लगा और अधिकांश अभ्यर्थी इसमें करीब 16 से 17 प्रश्नों को सही तरीके से हल कर पाए।
इस शिफ्ट में गणित का सेक्शन कुल मिलाकर मध्यम से कठिन स्तर का रहा और भौतिकी व रसायन विज्ञान की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक कठिन माना गया। इस शिफ्ट में गणित के प्रश्न लंबे थे और कई सवालों में सावधानीपूर्वक गणना की आवश्यकता थी। 21 से 24 जनवरी के बीच हुई शिफ्टों की तुलना में इसका कठिनाई स्तर थोड़ा अधिक रहा, हालांकि प्रश्नपत्र का पैटर्न अन्य शिफ्टों के समान ही रहा।
इस सेक्शन को हल करने में औसतन 70 से 80 मिनट का समय लगा। अधिकांश प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से थे, जबकि कुछ प्रश्न पिछले वर्षों के JEE प्रश्नों से मिलते-जुलत थे, इसलिए समय प्रबंधन और प्रश्नों का सही चयन अत्यंत महत्वपूर्ण था।
जेईई मेन 2026 की 28 जनवरी की मॉर्निंग शिफ्ट में रसायन विज्ञान का कुल कठिनाई स्तर मध्यम रहा, जो 21 से 24 जनवरी के बीच आयोजित शिफ्टों के समान ही माना गया। केमिस्ट्री का पेपर गणित की तुलना में आसान और भौतिक सेक्शन की तुलना में थोड़ा कठिन रहा। केमिस्ट्री सेक्शन को हल करने में औसतन 55 से 60 मिनट का समय लगा। इस शिफ्ट में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री का वेटेज इनऑर्गेनिक और फिजिकल की तुलना में अधिक रहा।