IIT BHU: आईआईटी बीएचयू ने स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम किया शुरू, 20 लाख रुपए की मिलेगी वित्तीय सहायता
Abhay Pratap Singh | August 11, 2025 | 04:58 PM IST | 2 mins read
डेटा एनालिटिक्स एवं प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजी (डीएपीटी) पर आधारित तकनीकी स्टार्टअप के लिए www.idapthub.org पर फंडिंग और इनक्यूबेशन सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नई दिल्ली: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT BHU) के आई-डीएपीटी हब फाउंडेशन ने स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम (Startup Incubation Programme) की शुरुआत की घोषणा की है। यह प्रोग्राम डेटा एनालिटिक्स एवं प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजी (DAPT) पर आधारित तकनीकी स्टार्टअप्स से आवेदन आमंत्रित करता है।
आई-डीएपीटी हब के परियोजना निदेशक प्रो राम शरण सिंह ने कहा, यह पहल शुरुआती उद्यमियों को उनके नवोन्मेषी विचारों को सफल व्यावसायिक उद्यमों में बदलने में सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है। यह कार्यक्रम कार्यालय स्थान, तकनीकी और कानूनी सहायता, बाजार पहुंच, मार्गदर्शन और 20 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता जैसे महत्वपूर्ण संसाधन प्रदान करेगा।
आईआईटी बीएचयू के अनुसंधान एवं विकास विभाग के डीन प्रो राजेश कुमार ने कहा कि, यह पहल मेक इन इंडिया, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप है। इस पहल का उद्देश्य तकनीकी उद्यमियों को स्केलेबल और प्रभावशाली समाधान तैयार करने में सक्षम बनाने के लिए एक ‘जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम’ तैयार करना है।
डेटा एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजी (डीएपीटी) पर आधारित तकनीकी स्टार्टअप के लिए आईआईटी बीएचयू के आई-डीएपीटी हब फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट www.idapthub.org पर फंडिंग और इनक्यूबेशन सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त है।
आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो अमित पात्रा ने कहा, “आईआईटी (बीएचयू) में हम नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को पोषित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आई-डीएपीटी हब फाउंडेशन के माध्यम से हमारा उद्देश्य न केवल स्टार्टअप्स को वित्त पोषण और मार्गदर्शन प्रदान करना है, बल्कि उन्हें ऐसी तकनीकें विकसित करने के लिए प्रेरित करना भी है जो वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करें और देश की तकनीकी प्रगति में योगदान दें।”
IIT BHU DAPT incubation: पात्रता मानदंड
संस्थान के स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम में शामिल होने के लिए, राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत व्यवसाय के पास व्यावसायिक रूप से लाभदायक और बाजार में सफल होने की क्षमता वाले उत्पाद एवं सेवाएं होना जरूरी है। अन्य पात्रता मानदंड की जांच नीचे कर सकते हैं:
- कंपनी भारत में पंजीकृत होनी चाहिए तथा उसके पास औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) द्वारा जारी पंजीकरण संख्या होना अनिवार्य है।
- संस्थापकों में से कम से कम एक पूर्णकालिक कार्यरत होना चाहिए।
- कम से कम एक संस्थापक के पास 51% इक्विटी होनी चाहिए।
- सभी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त, जिसके केंद्र में DAPT है।
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