Press Trust of India | October 21, 2026 | 08:19 PM IST | 2 mins read
मुख्यमंत्री ने शिक्षा से जुड़े जरूरी कामों का रिव्यू किया, जिसमें नई स्कीम बेस्ड रिक्रूटमेंट के तहत 3,900 टीचिंग और 900 नॉन-टीचिंग पोस्ट भरना शामिल है।

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 अक्टूबर, 2026 (बुधवार) को अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों में नैतिक मूल्य और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए पहली कक्षा से ही ‘नैतिक विज्ञान’ की पढ़ाई शुरू की जाए।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए, सुक्खू ने उन्हें निर्देश दिया कि वे सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 ‘जूनियर बेसिक टीचर’ (JBT) पदों पर भर्ती और तैनाती की प्रक्रिया में तेजी लाएं एवं 100 नए स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री का कहना था कि शिक्षा में केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र-निर्माण और उनके सर्वांगीण विकास पर भी बल दिया जाना चाहिए।
एक सरकारी बयान के अनुसार, सीएम सुक्खू ने कहा कि पहली कक्षा से नैतिक विज्ञान की पढ़ाई शुरू करने की पहल से विद्यार्थियों में कम उम्र से ही अनुशासन, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद मिलेगी।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा योग्य शिक्षकों, पर्याप्त प्रशासनिक कर्मचारियों एवं सीखने के लिए एक अनुकूल माहौल होने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुक्खू ने डिपार्टमेंट से स्टाफ की जरूरतों को प्लान के हिसाब से पूरा करने के लिए भी कहा ताकि ये इंस्टीट्यूशन आसानी से चल सकें।
CBSE स्कूलों में मिनिस्टीरियल स्टाफ और चतुर्थ वर्ग (Class-4) कर्मचारियों की जरूरत का रिव्यू करते हुए, उन्होंने अधिकारियों को स्टाफ की जरूरतों का अंदाजा लगाने और तय नियमों के हिसाब से जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा से जुड़े जरूरी कामों का भी रिव्यू किया, जिसमें नई स्कीम बेस्ड रिक्रूटमेंट के के तहत 3,900 टीचिंग और 900 नॉन-टीचिंग पोस्ट भरना शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की क्वालिटी बढ़ाने, सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और असरदार मॉनिटरिंग और अकाउंटेबिलिटी के जरिए फैसलों को समय पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।