आयोग ने अपने संशोधित नोटिस में कहा है कि उम्मीदवारों को सुधार अवधि के दौरान दो बार अपने आवेदन पत्र में सुधार करने और उसे पुनः जमा करने की अनुमति होगी।
यदि कोई उम्मीदवार दूसरी बार जेएनयू पीएचडी के लिए आवेदन करता है, तो पहला आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा और प्रवेश के लिए विचार नहीं किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया के लिए केवल दूसरा आवेदन ही मान्य होगा।