एनटीए ने स्पष्ट किया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों (law enforcement agencies) से प्राप्त इनपुट से यह साबित हो गया है कि वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया की गरिमा भंग हुई थी, जिसे बनाए रखना संभव नहीं है। इसी के मद्देनजर, भारत सरकार ने अब इस पूरे मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया है।
