
पत्र में कहा गया है कि 2021 में भर्ती हुए अधिकांश रेजिडेंट डॉक्टर जनवरी 2025 तक अपना कार्यकाल पूरा कर लेंगे। 2024 बैच के प्रवेश में देरी से डॉक्टरों की कमी होने की संभावना है।

जेईई मेन परीक्षा 13 भाषाओं यानी अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में आयोजित की जाएगी।
उत्तराखंड एनएमएमएस पंजीकरण के लिए आवेदक के माता-पिता या अभिभावकों की वार्षिक आय 3,50,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।