Delhi Coaching: कोचिंग संस्थान को शुल्क वापस करने का निर्देश देने वाला आदेश दिल्ली उपभोक्ता आयोग ने बरकरार रखा
Press Trust of India | January 7, 2025 | 11:54 AM IST | 1 min read
जिला फोरम ने संस्थान को छात्र के पिता को पाठ्यक्रम के लिए एक साल का शुल्क लगभग 60,750 रुपये वापस करने का निर्देश दिया था।
नई दिल्ली: दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक जिला फोरम के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें एक कोचिंग संस्थान को पाठ्यक्रम की पढ़ाई बंद करने वाले एक छात्र को लगभग 60,000 रुपये का एक साल का शुल्क वापस करने का निर्देश दिया गया था।
आयोग, जिला फोरम के 2014 के आदेश के खिलाफ ‘फिटजी’ लिमिटेड द्वारा अपने पदाधिकारी के माध्यम से दायर एक अपील पर सुनवाई कर रहा था। आयोग में इसकी अध्यक्ष संगीता ढींगरा सहगल और अन्य सदस्य शामिल हैं।
जिला फोरम ने संस्थान को छात्र के पिता को पाठ्यक्रम के लिए एक साल का शुल्क लगभग 60,750 रुपये वापस करने का निर्देश दिया था। जिला फोरम ने माना कि एफआईआईटीजेईई (फिटजी), जिसे दो साल के लिए अग्रिम शुल्क प्राप्त हुआ था, को शिकायतकर्ता के अनुरोध पर तुरंत एक साल के पाठ्यक्रम का शुल्क वापस करना चाहिए था।
Also read CCPA ने यूपीएससी परीक्षा दावों को लेकर 3 कोचिंग संस्थानों पर लगाया लाखों का जुर्माना
फोरम ने FIITJEE पर सेवाओं में कमी और शिकायतकर्ता के लिए परेशानी पैदा करने का जिम्मेदार ठहराते हुए 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। फोरम के आदेश के खिलाफ ‘फिटजी’ ने राज्य आयोग का रुख किया था। आयोग ने 19 दिसंबर के एक आदेश में उच्चतम न्यायालय के 2003 के फैसले का हवाला दिया था।
जिसके अनुसार यदि किसी शैक्षणिक संस्थान ने छात्रों से पूरे पाठ्यक्रम का शुल्क पहले ही ले लिया है, तो वह केवल विशेष सेमेस्टर या वर्ष के शुल्क का उपयोग कर सकता है और शेष राशि को उस शुल्क के देय होने तक एक राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा कराना पड़ता है। आदेश में कहा गया कि ‘फिटजी’ इस बात का कोई सबूत देने में विफल रहा कि उसने शीर्ष अदालत के निर्देशों का अनुपालन किया है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई