CUET UG PG 2025: सीयूईटी-यूजी, पीजी 2025 में बदलाव की संभावना, संशोधित मानदंड जल्द - यूजीसी चीफ जगदीश कुमार
Press Trust of India | December 9, 2024 | 04:38 PM IST | 2 mins read
यूजीसी ने 2025 के लिए सीयूईटी-यूजी और सीयूईटी-पीजी के संचालन की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
नई दिल्ली: स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालयीन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CUET) में विशेषज्ञ समिति की समीक्षा के बाद 2025 के संस्करण में कई बदलाव होने की संभावना है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने यह जानकारी दी है। यूजीसी ने सीयूईटी-यूजी और पीजी के संचालन की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की थी।
ममीडाला जगदीश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘बीते वर्षों में मिली प्रतिक्रिया के आधार पर सीयूईटी देने वाले छात्रों के लिए बेहतर, अधिक कुशल और अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में निरंतर सुधार करना भी आवश्यक है। इसी भावना से यूजीसी ने 2025 के लिए सीयूईटी-यूजी और सीयूईटी-पीजी के संचालन की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘समिति ने इसकी संरचना, प्रश्नपत्रों की संख्या, परीक्षा की अवधि, पाठ्यक्रम और परिचालन संचालन से जुड़ी आवश्यकता जैसी परीक्षा के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया है। आयोग ने हाल में एक बैठक में इन सिफारिशों पर विचार किया।’’
यूजीसी प्रमुख ने बताया कि आयोग जल्द सीयूईटी-यूजी और सीयूईटी-पीजी 2025 आयोजित करने के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों का विवरण देते हुए एक ड्रॉफ्ट प्रस्ताव जारी करेगा, जिसमें छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थानों से प्रतिक्रिया एवं सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।
वर्ष 2022 में परीक्षा के पहले संस्करण में सीयूईटी-यूजी तकनीकी गड़बड़ियों से ग्रस्त था। साथ ही, एक विषय के लिए कई शिफ्ट में परीक्षा आयोजित किए जाने के कारण परिणामों की घोषणा के दौरान अंकों का सामान्यीकरण करना पड़ा। परीक्षा 2024 में पहली बार ‘हाइब्रिड मोड’ में आयोजित की गई थी। हालांकि, इसे ‘लॉजिस्टिक’ कारणों का हवाला देते हुए आयोजित होने से एक रात पहले दिल्ली भर में रद्द कर दिया गया था।
यूजीसी ने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, “यूजीसी के चेयरमैन प्रो. एम. जगदीश कुमार ने सीयूईटी परीक्षा देने वाले विभिन्न कॉलेजों के स्नातक छात्रों से बातचीत की। नई दिल्ली स्थित यूजीसी कार्यालय में आयोजित इस फीडबैक सत्र का उद्देश्य सीयूईटी पर अंतर्दृष्टि और अनुभव एकत्र करना था।”
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- VBSA Bill: लोकसभा ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' को संयुक्त समिति को भेजने की दी मंजूरी, जानें महत्व
- Govt in Lok Sabha: केवीएस में 10,173 पद रिक्त; 2014 से भर्ती और कॉन्ट्रैक्ट टीचरों का साल-वार विवरण जारी
- एसएमवीडीआईएमई में हिंदुओं के लिए आरक्षण और मुस्लिम छात्रों को स्थानांतरण करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
- IIM Indore Admission Guidelines 2026-28: आईआईएम इंदौर ने पीजीपी एडमिशन गाइडलाइंस जारी की, पात्रता मानदंड जानें
- IIT Bombay News: महाराष्ट्र सरकार आईआईटी बॉम्बे का नाम बदलने के लिए केंद्र को लिखेगी पत्र, सीएम ने दी जानकारी
- दिल्ली का भलस्वा स्लम: आधार कार्ड और गंदगी से गुम हुई शिक्षा
- Nobel Prize in Economics 2025: जोएल मोकिर, फिलिप एगियन और पीटर हॉविट को मिलेगा अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
- भारत में 33 लाख से अधिक छात्र एकल-शिक्षक स्कूलों पर निर्भर, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक नामांकन
- Nobel Peace Prize 2025: वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को मिलेगा नोबेल शांति पुरस्कार, 10 दिसंबर को समारोह
- Nobel Prize in Chemistry 2025: सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन, उमर एम याघी को मिलेगा केमिस्ट्री का नोबेल प्राइज