Santosh Kumar | July 25, 2026 | 05:06 PM IST | 2 mins read
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने ट्विटर पर कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरे देश को बधाई। यह लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "झुकती है दुनिया, बस झुकाने वाला चाहिए।"

नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को "लोकतंत्र की जीत" बताते हुए इसका श्रेय देशभर में छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन और लोगों की भागीदारी को दिया। वांगचुक ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "लोकतंत्र की जीत, प्रत्यक्ष लोकतंत्र... जो सीधे सड़कों से निकला है।" उन्होंने इसे "शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत" बताया और नीट प्रश्नपत्र लीक मुद्दे को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन में भाग लेने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा), देश की 'जेन-जेड' और आम लोगों को बधाई दी।
उन्होंने कहा, "कॉजपा, देश की जेन-जेड को बधाई और देश के हर नागरिक का धन्यवाद।" 26 दिन की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने वाले वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन अब जवाबदेही तय करने से आगे बढ़ना चाहिए।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और इस मुद्दे पर सरकार के रवैये को लेकर कॉजपा के नेतृत्व में हफ्तों तक चले राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के दौरान, प्रमुख के इस्तीफ़े और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की मांग की गई। राजनीतिक दलों के सदस्य भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने ट्विटर पर कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरे देश को बधाई। यह लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "झुकती है दुनिया, बस झुकाने वाला चाहिए।"
राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने देश भर के उन छात्रों पर गर्व जताया जिन्होंने इस आंदोलन को सफल बनाया।
उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से सड़कों पर उतरे सभी युवाओं और छात्रों को बधाई दी। राहुल गांधी ने पीएम से छात्रों और देश के भविष्य का सम्मान करते हुए माफी मांगने की मांग की।
विधेयक को पेश किए जाने से पहले सदस्यों को वितरित की गयी इसकी प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
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