Saurabh Pandey | February 16, 2026 | 01:22 PM IST | 1 min read
बिहार में अब तक केवल दो बार ही टीईटी परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से कराई गई थी। पहली बार साल 2011 में और दूसरी बार साल 2017 में यह परीक्षा हुई थी।

नई दिल्ली : बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती के लिए होने वाली राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को खत्म करने की घोषणा की है। अब बिहार में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन नहीं कराया जाएगा। इस परीक्षा के खत्म होने के बाद अब प्रतिवर्ष सीबीएसई द्वारा आयोजित सीटेट में क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवार बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे।
बिहार में प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से लेकर 5वीं तक) में शिक्षक बनने के लिए सीटीईटी पेपर 1 में उम्मीदवारों को क्वालीफाई होना होगा, वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 6 से 8) में शिक्षक बनने के लिए सीटीईटी पेपर 2 में क्वालीफाई होना अनिवार्य होगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली सीटेट परीक्षा हर साल नियमित रूप से होती है। राज्य सरकार का मानना है कि सीटेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पर्याप्त है, जिससे शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
बिहार में अब तक केवल दो बार ही टीईटी परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से कराई गई थी। पहली बार साल 2011 में और दूसरी बार साल 2017 में यह परीक्षा हुई थी।
बिहार शिक्षा विभाग की ओर से साझा की गई डिटेल के मुताबिक सीबीएसई द्वारा केंद्र स्तर पर प्रतिवर्ष सीटीईटी का आयोजन करवाया जा रहा है। इस परीक्षा से भर्ती में शामिल होने के लिए पर्याप्त संख्या में उम्मीदवार मिल रहे हैं जिससे राज्य स्तरीय टीईटी करवाने का कोई मतलब नहीं है। ऐसे में इस परीक्षा को न आयोजित करने का फैसला लिया गया है।