दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने ‘मॉडर्न स्कूल’ मामले में 2004 के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए दोहराया कि निजी स्कूल शिक्षा निदेशालय (डीओई) की मंजूरी के बिना फीस नहीं बढ़ा सकते।
यूपीएमएसपी के मुताबिक, प्रदेश के 62 जिलों के कुल 420 स्कूलों ने अभी तक बोर्ड की वेबसाइट पर छात्रों के अंक अपलोड नहीं किए हैं। हालांकि, अगर तय समय सीमा तक अंक अपलोड नहीं किए गए तो परीक्षार्थियों को फेल घोषित कर दिया जाएगा।
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा निदेशालय को 2024-25 में सामान्य शिक्षा के लिए 2703.12 करोड़ रुपए का बजट प्राप्त हुआ लेकिन इसमें से वह सिर्फ 1267.87 करोड़ रुपए ही खर्च कर सका जो 50 फीसदी से भी कम है।