निर्देश में कहा गया कि विद्यालयों को एक ही किश्त में एक कैलेंडर माह से अधिक की अवधि के लिए शुल्क का भुगतान अनिवार्य, आवश्यक या बाध्यकारी नहीं करना चाहिए। यह निर्देश दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप है।
इस वर्ष कुल 14,44,713 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 14,33,058 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 12,86,843 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।
जो छात्र एमपी बोर्ड 9वीं-11वीं की मुख्य परीक्षा के दौरान एक या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहे, या उनमें अनुत्तीर्ण हुए, वे इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
यह मामला केवल एक छात्रा के फेल होने का नहीं है, बल्कि यह उस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है जिसके तहत स्कूल छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) करते हैं।
छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा 2026 के परिणाम ऑनलाइन घोषित कर दिए गए हैं। परीक्षार्थियों को पास होने के लिए न्यूनतम आवश्यक अंक प्राप्त करने होंगे।
सीआईएससीई आईसीएसई आईएससी रिजल्ट 2026 में अपने अंकों से असंतुष्ट छात्रों को पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने और सुधार परीक्षा में बैठने का मौका भी दिया जाएगा।
सीबीएसई ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है, जिनमें दावा किया गया था कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के तहत कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ियां और देरी हो रही है।
इस पहल का उद्देश्य एक सहायक, समावेशी और सहयोगी शैक्षिक माहौल तैयार करना है, जो प्रत्येक छात्र के विकास, बेहतर स्वास्थ्य और चुनौतियों से निपटने की क्षमता को बढ़ावा दे।