Press Trust of India | January 2, 2026 | 08:35 AM IST | 1 min read
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों व भ्रष्टाचार के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त न करने’ की नीति दोहराते हुए पेपर लीक और पिछली सरकार के राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) भ्रष्टाचार मामलों के संबंध में सामने आए नए तथ्यों के मद्देनजर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। सीएम ने कहा कि इसमें एसीबी को भी शामिल किया जाएगा।
एक बयान के कहा गया कि, शर्मा ने ताजा घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया कि मामले की जांच विशेष अभियान समूह (एसओजी) द्वारा की जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो भ्रष्टाचार-रोधी ब्यूरो (एसीबी) को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।
जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ये निर्देश मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में आयोजित एक बैठक में जारी किए गए। बैठक में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और एसओजी और एसीबी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक करके युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही उनका प्रभाव या पद कुछ भी हो। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार से जुड़े प्रश्नपत्र लीक के मामलों में 340 लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आगे कहा कि राज्य सरकार अभ्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और न्यायसंगत शासन प्रदान करने के लिए हमारी सरकार पूर्ण तत्परता से कार्यरत है।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 296 भर्ती परीक्षाएं बिना किसी प्रश्नपत्र लीक की घटना के आयोजित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि चल रही जांच के नतीजों के आधार पर, दोषी पाए गए सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।