Punjabi Compulsory: पंजाब सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में पंजाबी भाषा को अनिवार्य विषय बनाया

Press Trust of India | February 27, 2025 | 08:41 AM IST | 2 mins read

पंजाब में एक नई अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि राज्य में 10वीं कक्षा में पंजाबी मुख्य विषय होगा।

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि, पंजाब सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आएगी। (स्त्रोत-एक्स/Harjot Singh Bains)
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि, पंजाब सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आएगी। (स्त्रोत-एक्स/Harjot Singh Bains)

नई दिल्ली: पंजाब सरकार ने बुधवार (26 फरवरी) को कहा कि उसने राज्य भर के सभी स्कूलों में पंजाबी भाषा को अनिवार्य विषय बना दिया है, चाहे वे किसी भी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हों। इसके साथ ही सरकार ने जोर दिया कि पंजाबी को मुख्य विषय के रूप में शामिल किए बिना शैक्षिक प्रमाणपत्रों को अमान्य माना जाएगा।

यह कदम तब उठाया गया जब पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार और सीबीएसई पर निशाना साधते हुए उन पर कक्षा 10वीं कक्षा के लिए विषयों की सूची से पंजाबी को हटाने का आरोप लगाया और इसे पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के खिलाफ “सुनियोजित साजिश” करार दिया।

मंत्री ने कहा कि उनके विभाग ने एक नई अधिसूचना जारी की है, जिसमें कहा गया है कि राज्य में 10वीं कक्षा में पंजाबी मुख्य विषय होगा और यदि किसी स्कूल में पंजाबी मुख्य विषय नहीं है, तो प्रमाण पत्र को अमान्य माना जाएगा। उन्होंने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इसे राज्य के सभी शिक्षा बोर्डों पर लागू किया जाएगा और पंजाब सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आएगी।

बैंस ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की आलोचना करते हुए कहा कि उसने कथित रूप से पंजाबी को विषयों की सूची से हटा दिया है। मंत्री ने कहा कि सीबीएसई के मसौदा नियम में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी 10वीं कक्षा के मुख्य विषय हैं। बैंस ने कहा कि क्षेत्रीय और विदेशी भाषाएं एक समूह में हैं, जबकि बाकी विषय दूसरे समूह में हैं।

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उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इसका मतलब है कि पंजाबी मुख्य विषय नहीं है। पंजाबी हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में बोली जाती है। इतनी महत्वपूर्ण भाषा की महान संस्कृति और इतिहास है और वे इसे भूल जाते हैं।

बैंस ने इस मुद्दे को “लिपिकीय गलती” करार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “उन्होंने पंजाब की भावनाओं के साथ खेला और जख्मों पर नमक छिड़का।” बैंस ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर यह जानना चाहा है कि इस “लिपिकीय गलती” के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने भी सीबीएसई द्वारा 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए क्षेत्रीय भाषा सूची से पंजाबी भाषा को हटाने का कड़ा विरोध किया तथा इसे तत्काल बहाल करने की मांग की।

जारी एक बयान में पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि यह देखकर हैरानी हुई कि केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले सीबीएसई ने पंजाबी को क्षेत्रीय भाषा के विकल्प के रूप में हटा दिया है।

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