Press Trust of India | May 26, 2025 | 01:34 PM IST | 1 min read
दो पालियों में नीट-पीजी परीक्षा आयोजित कराने को चुनौती देने वाली याचिका में कहा गया है कि विभिन्न पालियों में कठिनाई के स्तर अलग-अलग होने के कारण इसमें अनुचित चीजें होने की संभावना है।
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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने आज यानी 26 मई को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा नीट पीजी परीक्षा दो पालियों में आयोजित कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट - पोस्टग्रेजुएट (NEET PG) एक राष्ट्रीय स्तर की स्नातकोत्तर मेडिकल प्रवेश परीक्षा है।
चिकित्सा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी), 2025 दो पालियों में 15 जून को कंप्यूटर आधारित प्लेटफॉर्म पर आयोजित की जाएगी। इसके परिणाम 15 जुलाई तक घोषित किए जाएंगे।
प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने वकील की दलीलों पर गौर किया तथा कहा कि याचिका को जल्द ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। पीठ ने 23 मई को कहा था कि याचिका अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
वकील ने सोमवार (26 मई, 2025) को फिर से इस बात का जिक्र किया। वकील ने कहा, ‘‘पीठ ने कहा कि वह इस मामले को इसी सप्ताह सूचीबद्ध करेगी। यह अत्यंत जरूरी है। प्रवेश पत्र दो जून को जारी किए जाएंगे।’’
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि इसे एक या दो दिन में सूचीबद्ध कर दिया जाएगा। पीठ ने पांच मई को एनबीई और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से याचिका पर जवाब मांगा था।
दो पालियों में नीट-पीजी परीक्षा आयोजित कराने को चुनौती देने वाली याचिका में कहा गया है कि विभिन्न पालियों में कठिनाई के स्तर अलग-अलग होने के कारण इसमें अनुचित चीजें होने की संभावना है। इसमें एनबीई को एक ही पाली में परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिए जाने का आग्रह किया गया है। यह याचिका अदिति और अन्य लोगों द्वारा दायर की गई है।