Santosh Kumar | March 18, 2025 | 12:55 PM IST | 2 mins read
अधिसूचना के अनुसार, नीट पीजी 2025 परीक्षा एक संरचित समय सारिणी के साथ कंप्यूटर-आधारित प्रारूप में आयोजित की जाएगी।
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नई दिल्ली: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट (नीट पीजी) 2025 परीक्षा तिथि की घोषणा कर दी है। नीट पीजी 2025 परीक्षा 15 जून को दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। इस बीच, कुछ उम्मीदवारों ने एनबीईएमएस के दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने के फैसले को गलत बताया है।
एनबीई ने कल यानी 17 मार्च को नीट पीजी 2025 परीक्षा तिथि की घोषणा की। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, नीट पीजी 2025 परीक्षा एक संरचित समय सारिणी के साथ कंप्यूटर-आधारित प्रारूप में आयोजित की जाएगी।
गौरतलब है कि नीट पीजी 2025 को दो शिफ्ट में आयोजित करने के फैसले से पीजी मेडिकल उम्मीदवारों में चिंता बढ़ गई है। कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी आशंका व्यक्त की है।
उन्होंने पिछले साल नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में अनियमितताओं का हवाला देते हुए इस फैसले से होने वाली संभावित समस्याओं के बारे में सवाल उठाए हैं। डॉक्टरों में से एक ने इस निर्णय पर सवाल उठाया और इसे त्रुटिपूर्ण बताया।
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एक्स यूजर (@drlakshyamittal) ने अपने आधिकारिक हैंडल पर पोस्ट किया, "एनबीईएमएस ने 2024 में नॉर्मलाइजेशन में गड़बड़ी के बावजूद 2025 में दो शिफ्टों में नीट पीजी 2025 की घोषणा की है!... वही गलती क्यों दोहराई जा रही हैं?"
पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यूनिफाइड डॉक्टर्स फ्रंट (यूडीएफ) ने आधिकारिक तौर पर माननीय गृह मंत्री श्री जेपी नड्डा जी को पुनर्विचार करने और नीट पीजी 2025 को एक ही शिफ्ट में आयोजित करने के लिए लिखा है।
अन्य यूजर (@DrDhruvchauhan) ने ट्वीट किया कि सरकार "एक राष्ट्र, एक चुनाव" तो करा सकती है, लेकिन "एक राष्ट्र, एक परीक्षा" नहीं करा सकती। दूसरे यूजर ने लिखा, "शर्म की बात है कि एनबीई एक ही शिफ्ट में परीक्षा नहीं करा सकता।"
एक यूजर ने ट्वीट किया, "एनबीई ने फिर से भ्रम पैदा कर दिया है! परीक्षा सामान्यीकरण प्रक्रिया के साथ दो पालियों में आयोजित की जाएगी, जो एक त्रुटिपूर्ण तरीका है। क्या वे एक ही पेपर के साथ परीक्षा आयोजित करने से डरते हैं।"
एक्स यूजर डॉक्टर @Vivekpandey21 ने ट्वीट किया कि कई पालियों में आयोजित नीट पीजी 2024 परीक्षा में बड़ी सामान्यीकरण समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
एक यूजर (@AbhinavMeena15) ने लिखा, "नीट पीजी डबल शिफ्ट एक स्कैम जैसा है! इसमें अलग शिफ्ट, अलग-अलग कठिनाई स्तर और अस्पष्ट नॉर्मलाइजेशन के कारण 1 ही अंक पर हजारों रैंक ऊपर-नीचे हो सकती हैं।"
चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए राजधानी लखनऊ में कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट में ‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर’ की स्थापना की गई है।
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