Abhay Pratap Singh | January 4, 2026 | 12:29 PM IST | 1 min read
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने दोनों अभ्यर्थियों पर जुर्माना लगाने के आदेश में संशोधन किया।
Boost your JEE Main preparation with the Last 5 Years Analysis (2026–2022). Discover chapter-wise trends, difficulty levels & high-weightage topics.
Try Now
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi HC) की एक खंडपीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ दो जेईई उम्मीदवारों द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज करने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को सुरक्षित रखा है। याचिका में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) 2025 की प्रवेश परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।
JEE Main 2027: Session 1 Registration Link | Chapter Wise Weightage | Most Scoring Topics
Sample Papers 2027: Physics | Chemistry | Maths | PYQ's (2017-26) | Test Series | Score Booster
Most Repeated Ques: Physics | Chemistry | Maths - Master Guide: Chemistry | Maths
Guide 2027: IIT's | NIT's | IIIT's | Fees & Cutoffs 2026-27: IIT's | NIT's | IIIT's
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने हालांकि, दोनों अभ्यर्थियों पर जुर्माना लगाने के आदेश में संशोधन किया और उन्हें इसके बजाय एक महीने के लिए सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया।
दो न्यायाधीशों की खंडपीठ उन याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर अपील की सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने एकल पीठ के 22 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके दावों को यह मानते हुए खारिज कर दिया गया था कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए उत्तर पत्र वास्तविक नहीं थे।
एकल पीठ ने राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला (एनएफसीएल) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर विचार किया और दोनों आवेदकों में से प्रत्येक पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 22 दिसंबर के पारित आदेश में अपीलकर्ताओं में से एक को 15 मई से 15 जून तक एक महीने के लिए, ‘‘सभी दिनों में पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर एक बजे के बीच’’ वृद्धाश्रम में सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया। दूसरे अपीलकर्ता को गाजियाबाद के एक बाल देखभाल केंद्र में उतनी ही अवधि के लिए सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया गया है।