Saurabh Pandey | October 19, 2026 | 08:50 AM IST | 2 mins read
इंडिया एआई फेलोशिप 2026-27 के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवार 30 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं।

नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में रिसर्च और इनोवशन को बढ़ावा देने के लिए 'इंडियाएआई फेलोशिप' 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र 30 नवंबर 2026 तक इसके लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। इस फेलोशिप के तहत एआई शोध में लगे अंडरग्रेजुएट (UG), इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री (IDD) और पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्रों को फाइनेंशियल सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके तहत यूजी और आईडीडी छात्रों को 1 लाख रुपये तक, जबकि पीजी छात्रों को 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए 1 लाख रुपये की अलग से ग्रांट का भी प्रावधान रखा गया है। इस फेलोशिप का उद्देश्य भारत की अगली पीढ़ी के एआई शोधकर्ताओं और इनोवेटर्स को सशक्त बनाना है, ताकि वे देश के लिए अत्याधुनिक समाधान विकसित कर सकें।
इंडिया एआई फेलोशिप के लिए तीन साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री कर रहे छात्रों का पांचवां सेमेस्टर शुरू हो रहा होना चाहिए, और चार साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री कर रहे छात्रों का सातवां सेमेस्टर शुरू हो रहा होना चाहिए।
पांच साल के इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री (IDD) प्रोग्राम के छात्रों के लिए, फेलोशिप की पात्रता नौवें सेमेस्टर की शुरुआत से मिलती है। पहले, दूसरे और तीसरे सेमेस्टर में नामांकित पोस्टग्रेजुएट छात्र भी इस मानदंड के तहत पात्र हैं।
हर शोधकर्ता को अपने रिसर्च के लिए सालाना 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। इसमें से अधिकतम 10% यानी 20,000 रुपये तक संस्थागत खर्चों/ओवरहेड्स के लिए रखे जा सकते हैं। यदि किसी छात्र का रिसर्च पेपर एआई (AI) क्षेत्र के किसी बड़े अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में चुना जाता है, तो उसे यात्रा और रहने के खर्च के लिए 1 लाख रुपये तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।
पीजी छात्रों को पूरे कार्यक्रम के दौरान 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यदि किसी छात्र का शोध पत्र एआई (AI) के क्षेत्र के किसी ऐसे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में चुना जाता है, जिसकी h5-रेटिंग 100 से अधिक है, तो उसे अपनी यात्रा और रहने के खर्च के लिए 1 लाख रुपये तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।