संसद सदस्यों को वितरित की गई प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को न्यूनतम 5 साल और अधिकतम 10 साल की कैद और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, ‘दून स्कूल’ इस विद्यालय को विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए शैक्षणिक मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग प्रदान करेगा।
इस अभियान के तहत सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली छावनी बोर्ड और निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री से प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सरकारी स्कूलों एवं प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने की मांग की।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने ट्विटर पर कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरे देश को बधाई। यह लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "झुकती है दुनिया, बस झुकाने वाला चाहिए।"