Santosh Kumar | October 14, 2024 | 12:17 PM IST | 2 mins read
महिला सांसद ने लिखा, "सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के शीघ्र निपटारे के लिए 11 अगस्त 2024 को परीक्षा देने वाले डॉक्टरों के व्यक्तिगत अंक जारी किए जाने चाहिए।"
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नई दिल्ली: मयिलादुथुराई लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद आर सुधा ने नीट पीजी 2024 विवाद पर स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। उन्होंने यह पत्र परीक्षा में शामिल 2 लाख से अधिक एमबीबीएस डॉक्टरों में बढ़ती अशांति, लाचारी, आघात और हताशा को देखते हुए लिखा है, जिसमें उन्होंने काउंसलिंग शेड्यूल से लेकर उम्मीदवारों के व्यक्तिगत अंको को जल्द से जल्द जारी करने की मांग की है।
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सांसद ने पत्र में बताया कि मार्च 2024 से 3 बार स्थगित होने के बाद, डॉक्टरों की नाराजगी के बावजूद 11 अगस्त को दो शिफ्ट में नीट पीजी आयोजित की गई। सुबह और शाम के लिए प्रश्नपत्रों के दो सेट दिए गए। कई डॉक्टरों को दूसरी शिफ्ट का प्रश्नपत्र सुबह वाले से कठिन लगा।
एनबीई ने इस साल नीट पीजी को शिफ्ट में आयोजित करने का कारण नहीं बताया, लेकिन कहा कि वह अंकों को सामान्य करेगा और परिणाम जारी करेगा। नीट पीजी 2024 के नतीजे 23 अगस्त, 2024 को जारी किए गए, लेकिन ये न तो पूरे थे और न ही निष्पक्ष।
उन्होंने आगे लिखा कि नतीजों में केवल परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों का 'प्रतिशत' दिखाया गया है। इसमें उम्मीदवारों की राष्ट्रीय रैंक भी थी। हालांकि, नतीजों में व्यक्तिगत अंक नहीं दिखाए गए। अंकों के बिना, वंचित क्षेत्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पाएंगी।
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सांसद ने पत्र में लिखा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए 2 लाख एमबीबीएस डॉक्टरों के हित में तुरंत कार्रवाई की जाए। केंद्र सरकार कोर्ट को बताए कि एनबीई 11 अगस्त की नीट पीजी परीक्षा का परिणाम प्रतिशत, राष्ट्रीय रैंक और अंकों सहित पूर्ण रूप से जारी करेगा।
उन्होंने मांग की कि नीट पीजी 2024 काउंसलिंग कार्यक्रम अविलंब घोषित किया जाए और सभी राज्यों को नीट पीजी अंकों और दूरदराज के क्षेत्रों में सेवारत डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन अंकों के आधार पर अपने काउंसलिंग कार्यक्रम की घोषणा करने की अनुमति दी जाए।
महिला सांसद ने यह भी कहा कि दूरदराज और कठिन क्षेत्रों में सेवारत डॉक्टरों को प्रोत्साहन अंक देने पर रोक लगाने वाले प्रावधान को 2024 नीट पीजी प्रॉस्पेक्टस से हटाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट पहले ही इन प्रोत्साहन अंकों की वैधता को मान्य कर चुका है।
उन्होंने लिखा, "सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के शीघ्र निपटारे के लिए 11 अगस्त 2024 को परीक्षा देने वाले डॉक्टरों के व्यक्तिगत अंक जारी किए जाएं। अगर केंद्र सरकार यह कदम उठाती है तो 2 लाख डॉक्टरों को आगे की पढ़ाई से जुड़ी चिंता और तनाव से राहत मिलेगी।"