केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 2006 में सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप कार्यक्रम शुरू किया गया था। इस छात्रवृत्ति कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की शिक्षा में सहायता करना और उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है।
यदि आवेदन पत्र में जानकारी के अभाव या अन्य किसी कारण से किसी उम्मीदवार को प्रवेश पत्र जारी भी कर दिया जाता है और किसी भी चरण में यह पाया जाता है कि उम्मीदवार योग्य नहीं है, तो उसकी उम्मीदवारी अस्वीकार कर दी जाएगी।
मॉप अप राउंड के लिए अपग्रेडेशन का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवार, यदि नए भरे गए विकल्पों को लॉक नहीं करते हैं, तो उन्हें पिछले राउंड में प्रवेशित कॉलेज में ही प्रवेश दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी समय पर मिले और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।